वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब कुंडली में सप्तमेश की दशा या अन्तर्दशा, सातवें घर में स्थित ग्रहों की दशा या अन्तर्दशा अथवा सातवें घर को देखने वाले ग्रहों दशा अन्तर्दशा हो, यदि छठे घर से संबंधित दशा या अन्तर्दशा चल रही हो तो विवाह में विलंब या विघ्न उत्पन्न होता है। वहीं कई बार विलंब से शादी होने पर भी उपयुक्त जीवन साथी नहीं मिल पाता है। आइये जानते हैं कि किस आयु में विवाह का योग बनता है.
🔰20 से 25 वर्ष की उम्र में शादी🔰
- बुध शीघ ही शादी करवाता है। सातवें घर में बुध हो तो शादी जल्दी होने के योग होते हैं। बीस वर्ष की उम्र में शादी होती है यदि बुध पर कोई किसी अन्य ग्रह का प्रभाव न हो।
- बुध यदि सातवें घर में हो तो सूर्य भी एक स्थान पीछे या आगे होगा या फिर बुध के साथ सूर्य के होने की संभावना रहती है।
- सूर्य साथ हो तो दो साल का विलम्ब शादी में अवश्य होगा। इस तरह उम्र 22 में शादी का योग बनता है।
- यदि सूर्य के अंश क्षीण हों तो शादी केवल 20 से 21 वर्ष की उम्र में हो जाती है। अभिप्राय यह है कि जब बुध सातवें घर में हो तब 20 से 25 की उम्र में शादी का योग बनता है।
🔰25 से 27 की उम्र में शादी🔰
- यदि शुक्र, गुरु या चंद्र आपकी कुंडली के सातवें घर में हैं तो 24-25 की उम्र में शादी होने की प्रबल संभावना रहती है।
- गुरु सातवें घर में हो तो शादी पच्चीस की उम्र में होती है। गुरु पर सूर्य या मंगल का प्रभाव हो तो शादी में एक साल की देर समझें। राहु या शनि का प्रभाव हो तो दो साल की देर यानी 27 साल की उम्र में शादी होती है।
- शुक्र सातवें हो और शुक्र पर मंगल, सूर्य का प्रभाव हो तो शादी में दो साल की देर अवश्यम्भावी है।
- शनि का प्रभाव होने पर एक साल यानी छब्बीस साल की उम्र में और यदि राहु का प्रभाव शुक्र पर हो तो शादी में दो साल का विलंब होता है।
- चंद्र सातवें घर में हो और चंद्र पर मंगल, सूर्य में से किसी एक का प्रभाव हो तो शादी 26 साल की उम्र में होने का योग होगा।
- शनि का प्रभाव मंगल पर हो तो शादी में तीन साल का विलंब होता है। राहु का प्रभाव होने पर 27 वर्ष की उम्र में काफी विघ्नों के बाद शादी संपन्न होती है।
- कुंडली के सातवें घर में यदि सूर्य हो और उस पर किसी अशुभ ग्रह का प्रभाव न हो तो 27 वर्ष की उम्र में शादी का योग बनता है। शुभ ग्रह सूर्य के साथ हों तो विवाह में इतनी देर नहीं होती।
🔰28 से 32 वर्ष की उम्र में शादी🔰
- मंगल, राहु केतु में से कोई एक यदि सातवें घर में हो तो शादी में काफी देर हो सकती है। जितने अशुभ ग्रह सातवें घर में होंगे शादी में देर उतनी ही अधिक होगी।
- मंगल सातवें घर में 27 वर्ष की उम्र से पहले शादी नहीं होने देता। राहु यहां होने पर आसानी से विवाह नहीं हो सकता। बात पक्की होने के बावजूद रिश्ते टूट जाते हैं।
- केतु सातवें घर में होने पर गुप्त शत्रुओं की वजह से शादी में अडचनें पैदा करता है।
- शनि सातवें हो तो जीवन साथी समझदार और विश्वासपात्र होता है। अधिकतर मामलों में शादी तीस वर्ष की उम्र के बाद ही होती है।
🔰32 से 40 वर्ष की उम्र में शादी🔰
- शादी में इतनी देर तब होती है जब एक से अधिक अशुभ ग्रहों का प्रभाव सातवें घर पर हो। शनि, मंगल, शनि राहु, मंगल राहु या शनि सूर्य या सूर्य मंगल, सूर्य राहु एक साथ सातवें या आठवें घर में हों तो विवाह में बहुत अधिक देरी होने की संभावना रहती है।
- हालांकि ग्रहों की राशि और बलाबल पर भी बहुत कुछ निर्भर करता है परंतु कुछ भी हो इन ग्रहों का सातवें घर में होने से शादी जल्दी होने की कोई संभावना नहीं होती।
- शादी में देर के लिए जो ऊपर नियम दिए गए हैं उनमे अधिक सूक्ष्म गणना की आवश्यकता जरूर है परंतु मोटे तौर पर ये नियम अत्यंत व्यावहारिक सिद्ध होते हैं।
☘️जल्द विवाह के उपाय☘️
– भगवान शिव के साथ माता पार्वती की भी पूजा करें। माता पार्वती की पूजा खासतौर पर लड़कियों को करनी चाहिए। पूजा में मां पार्वती को सुहाग का सामान चढ़ाएं, बाधाएं दूर होंगी।
– प्रतिदिन विघ्नहर्ता गणेश और रिद्धि-सिद्धि की पूजा करें।
– भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा खास तौर पर गुरुवार को एक साथ करें।
– विवाह में बाधाएं उत्पन्न करने वाले ग्रह गुरु, शनि और मंगल के उपाय करें।
📣किसी विद्वान ज्योतिषी को अपनी जन्म कुंडली दिखाकर विवाह में बाधक ग्रह या दोष को ज्ञात कर उसका निवारण करें। उपरोक्त प्रस्तुत ग्रहो से संबंधित कुछ सूत्र मात्र है. किसी भी निर्णय पर पहुँचने से पूर्व भाव, भावेश, दशा अंतरदशा, मैत्री, दृष्टि संबंध, नवमांश कुंडली, गोचर आदि का भी विचार अति आवश्यक है. कुंडली विश्लेषण हेतु संपर्क करे.