Friday, 4 February 2022

बसंत पंचमी

 


बसंत पंचमी यानी मां सरस्वती की पूजा का यह पर्व इस बार 5 फरवरी दिन शनिवार को देशभर में मनाया जाएगा। इस दिन दो शुभ योग बन रहे हैं। 5 फरवरी को मकर राशि में सूर्य और बुध के रहने से बुधादित्य योग बन रहा है। वहीं सभी ग्रह 4 राशियों में विद्यमान रहेंगे। इस कारण केदार योग का भी निर्माण हो रहा है।इस वर्ष बसंत पंचमी के दिन प्रातः चतुर्थी तिथि प्रातः 6.44 बजे तक के बाद पंचमी तिथि सम्पूर्ण भोग करेगी। शनिवार का दिन है, उत्तराभाद्रपद नक्षत्र व सिद्ध नामक योग मिल रहा है।

अतः इस दिन बसंत पंचमी सर्वमंगलकारी है। पूजन करने का सर्वोत्तम मुहूर्त समय दोपहर 11.46 बजे से 1.44 बजे तक है।

बसंत पंचमी पर ज्ञान और बुद्धि-विवेक की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। शास्त्रों में बताया गया है कि माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी के दिन मां सरस्वती का प्राकट्य और पूरे ब्रह्मांड को ध्वनि का उपहार मिला था। इसलिए इस दिन को बसंत पंचमी के उत्सव के तौर पर मनाया जाता है।

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को मालपुआ और खीर में केसर मिलाकर भोग लगाएं। इस दिन मां सरस्वती की पूजा से जुड़े कुछ खास उपाय करने से हमें बुद्धि और समृद्धि की प्राप्ति होती है,

1) यदि आपकी कुंडली में आपका बृहस्पति ग्रह कमजोर है तो जिस शिक्षक ने आपको पढ़ाया हो, बसंत पंचमी के दिन उनको कोई उपहार भेंट करें और उनसे आशीर्वाद भी ले।

2) यदि आपकी कुंडली में आपका बुध ग्रह कमजोर है तो छोटे बच्चों को और अन्य जरूरतमंदों को कलम, पेंसिल,कॉपी किताब गिफ्ट करें।

3) यदि आपकी कुंडली में आपका चंद्र ग्रह कमजोर है और आपका मन एक जगह टिकता नही तो माता सरस्वती के समक्ष बसंत पंचमी के दिन दूध चीनी चावल अथवा खीर अर्पित करे.

4) यदि आपकी कुंडली में शुक्र पीड़ित है और पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा रहता है तो ऐसे दंपती को बसंत पंचमी के दिन राधा कृष्णा की पूजा करनी चाहिए.

5) यदि आप अपनी कोई मनोकामना पूर्ण करना चाहते है तो माँ सरस्वती को सफेद पुष्प, केसर वाला खीर, सफेद कपड़ा, शहद अर्पित करे और अपनी मनोकामना उनके सामने प्रकट करे. उसके पश्चात् पीला कपड़ा निर्धन कन्याओं को दान करे

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