श्री कृष्ण की कुण्डली बताती है कि इनका जन्म भाद्र मास कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में महानिशीथ काल में वृषभ लगन में हुआ था।
उस समय बृषभ लग्न की कुंडली में लग्न में चन्द्र और केतु, चतुर्थ भाव में सूर्य, पंचम भाव में बुध एवं छठे भाव में शुक्र और शनि बैठे हैं।
जबकि सप्तम भाव में राहू, भाग्य स्थान में मंगल तथा ग्यारहवें यानी लाभ स्थान में गुरु बैठे हैं। कुंडली में राहु को छोड़ दें तो सभी ग्रह अपनी उच्च अवस्था में हैं। कुंडली देखने से ही लगता है कि यह किसी महामानव की कुंडली है।
ग्रहों की इन शुभ स्थितियों के कारण ही श्री कृष्ण ने अपनी अद्भुत शक्तियों का प्रदर्शन किया। ऐसी कुंडली बड़ी दुर्लभ मानी जाती है। इनकी कुंडली की तरह अगर किसी व्यक्ति की कुंडली हो तो वह भी बड़े कारनामे कर सकता है।
जानिए जन्माष्टमी के दिन किन उपायों से दूर होते हैं कष्ट और प्राप्त होता है मनचाहा वरदान-
1. ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, जन्माष्टमी के दिन घर पर गाय या बछड़े की मूर्ति लाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
2. जन्माष्टमी के दिन कन्याओं के बुलाकर खीर खिलाएं। ऐसा लगातार पांच शुक्रवार तक करें। मान्यता है कि ऐसा करने से नौकरी और व्यापार में तरक्की मिलती है और आमदनी में वृद्धि होती है।
3. जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण को चांदी की बांसुरी अर्पित करें। पूजा के बाद इस बांसुरी को तिजोरी या पर्स में रखें। मान्यता है कि ऐसा करने से धन लाभ होता है।
4. जन्माष्टमी के दिन राधा-माधव को 56 भोग लगाएं। कहते हैं कि ऐसा करने से श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
5.जन्माष्टमी के दिन शाम को तुलसी पूजा करनी चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने कर्ज से मुक्ति मिलती है।
6. जन्माष्टमी के दिन रात 12 बजे दूध में केसर मिलाकर श्रीकृष्ण का अभिषेक करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से सुख-समृद्धि और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।
भगवान श्रीकृष्ण की स्तुति :
श्री कृष्ण चन्द्र कृपालु भजमन, नन्द नन्दन सुन्दरम्।
अशरण शरण भव भय हरण, आनन्द घन राधा वरम्॥
सिर मोर मुकुट विचित्र मणिमय, मकर कुण्डल धारिणम्।
मुख चन्द्र द्विति नख चन्द्र द्विति, पुष्पित निकुंजविहरिणम।।
मुस्कान मुनि मन मोहिनी, चितवन चपल वपु नटवरम।
वन माल ललित कपोल मृदु, अधरन मधुर मुरली धरम।।
वृषभान नंदिनी वामदिशि, शोभित सुभग सिहासनम।
ललितादि सखी जिन सेवहि करि चवर छत्र उपासनम।।
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ.

