Monday, 15 November 2021

अष्टम भाव में बुध का फल

 


🌳☘️बुध के विषय में- ☘️🌳
🌼🪴बुध मिथुन और कन्या राशि के स्वामी है। ये एक बालक एवं सौम्य ग्रह है। इनका दिन बुधवार है। अश्लेषा, ज्येष्ठा तथा रेवती इनके तीन नक्षत्र है। रवि एवं शुक्र इनके मित्र ग्रह है। 🪴🌼
🌳बुध अष्टम वाला जातक दूसरे की धन- संपदा को हरण कर लेने वाला या व्यवसाय द्वारा विपुल धनलाभ करने वाला होता है।यहां बुध है तो व्यक्ति गुप्त विद्याओं में रुचि रखने वाला तथा तेज स्मरण शक्ति का होगा। अतिथि सेवक और राज पक्ष का होने के साथ ही आप अपनी विनम्रता के कारण प्रसिद्ध और धनी बनेंगे। आपमें दूसरों के कष्ट को दूर करने की सामर्थ्य होगी, लेकिन आपको साझेदारी का व्यापार करने के लिए सोचना समझना होगा। पार्टनर गलत भी हो सकता है। आपको मस्तिष्क और नसों से संबंधित रोग हो सकते हैं। यदि बुध के साथ उसके शत्रु ग्रह न होंगे तो यहां स्थिति बुध अच्छा फल देगा। दूर स्थित राज्यों या देश-विदेश में उसके यश और कीर्ति में वृद्धि होती है।🌳
🌳यदि बुध अष्टम भाव में उत्तम स्थिति में हो तब जातक रिसर्च वर्क में इंटरेस्टेड होगा। जातक पीएचइडी या अन्य दूसरे रिसर्च कार्यो में अध्ययन करेगा। यदि अष्टम भाव में स्थित बुध पीड़ित हो तब जातक अपनी शिक्षा में परेशानी का सामना करेगा।🌳
🌳यदि बुध अष्टम भाव में केतु या मंगल से पीड़ित हो तब जातक को त्वचा से संबंधित समस्या का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही जातक को एलर्जी या मानसिक अवसाद से भी पीड़ित होना पड़ सकता है। यदि अष्टम भाव में स्थित बुध शुक्र और मंगल या चंद्रमा के प्रभाव में हो तब जातक का सीक्रेट अफेयर हो सकता है।🌳
🌳अष्टम भाव में स्थित बुध जातक के अपने रिश्तेदारों और मित्रों से संबंध खराब कर सकता है जातक बेवजह सोच सोच कर या अपने रिश्तेदारों या मित्रों के प्रति अफवाह से ग्रसित होकर उनसे संबंध खराब कर सकता है।🌳
🌳बुध पाप राशि या पाप ग्रह युक्त होने पर या बलहीन होने पर कामी एवं पतित, रोगी या अल्पायु होता है। बलवान बुध शुभ राशिगत या शुभ ग्रह युत-दृष्ट होने पर आयु में वृद्धि होती है। शुभ बुध से विनयी भाव से वर्तालापी, अतिथि सत्कार प्रिय, वाणिज्य से ज्यादा धन लाभ तथा जन्मस्थान से दूर उसकी ख्याति और लोकप्रियता की वृद्धि होती है। अपनी वाणी द्वारा दूसरों को तुरंत वश में करके अपना कार्य सिद्ध कर लेने वाला होता है। पाप राशिगत दूषित बुध विशेष अशुभ होने पर बात करने में कठिनाई पाने वाला या तुतलाकर बोलने वाला होता है। पार्टनरशिप में व्यापार से हानि होती है। विवाद आदि से मुकद्दमों में धन का नाश करवाने वाला, पत्नी द्वारा आदर न पाने वाला, शरीर में स्नायु दुर्बलता आदि का रोग पनपने लगता है। अशुभ बुध से भाग्यहीन , बुद्धिहीन तथा शुभ बुध से युवती नारी सहित क्रीड़ारत होकर सुखी होता है.🌳
🔱🪴बुध के विशेष उपाय-🪴🔱
पन्ना धारण करें या पारा या कलई धारण करें।
नाक छिदवाए।
लड़की, बहन, बुआ,मौसी की सेवा करें।
दुर्गा पाठ करें या कन्याओं की सेवा करें।
हलवा ,कद्दू ( सीता फल ) मंदिर में दान करें।
हरे रंग की चीजों का हिजड़ों को दान करें।
भेड़, बकरी, तोते की सेवा करें। अंडा न खाएं।
कांसे के कटोरी में सबूत हरी मूंग भरकर मंदिर में दान करें.
श्री गोपाल, श्री गणेश, देवी नील सरस्वती ,नृसिंह, देवी त्रिपुरसुंदरी, बुद्ध और बुध देव की पूजा अर्चना करने पर भी बुध के अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता हैं
🔱🪴बुध अशुभ कब होता है ?🪴🔱
धागे ताबीज़, जल, बिभूतियाँ (राख) अपने पास जेब में रखने से या घर में रखने से।
पत्थरों के पिंड रखने से।
शिक्षक, ज्योतिषी का पैसा मारने पर ।
पीतल के बर्तन कोरे बंद हो।
बहन, लड़की का धन मार लेना या उनसे धन मांगना।
क्रोध करना ,बंद जुबान होना।
पूछने पर जवाब न देना, वायदे का कच्चा होना।
फ़ोन, कैलक्यूलेटर, घड़ी आदि सामान खराब होने पर।
भेड़ बकरी का मांस खाने पर। घर में धर्म स्थान बदलने पर। किताबें चोरी करने पर।
किसी बालक को मारना या सताने पर।
तोते को मारने पर।
घर में हरियाली बिल्कुल न होने पर।

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